POEMS

Friday, April 30, 2010

सलीका

परीक्षा कक्ष में
प्रश्न पत्र हल करने का
एक सलीका बताया जाता है

उलझाने वाले प्रश्नों में
मत उलझो
पहले उन प्रश्नों को हल करो
जिनके उत्तर
सरलता से मिल जाएँ
फिर उन प्रश्नों को लें
अवश्य जो कुछ कठिन हैं
पर उलझाते नहीं
और अंत में
उलझाने वाले प्रश्नों को
ठन्डे दिमाग से
सुलझाने का प्रयास करें

ज़िन्दगी जीने का
सलीका भी तो यही है।
द्वारा : महेश चन्द्र रस्तोगी

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